खजुराहो खजुराहो स्मारक समूह जो कि एक हिन्दू और जैन धर्म के स्मारकों का एक समूह है जिसके स्मारक भारतीय राज्य मध्य प्रदेश के छतरपुर क्षेत्र में देखने को मिलते है। ये स्मारक दक्षिण-पूर्व झांसीसे लगभग १७५ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्मारक समूह यूनेस्को विश्व धरोहर में भारत का एक धरोहर क्षेत्र गिना जाता है। यहाँ के मन्दिर जो कि नगारा वास्तुकला से स्थापित किये गए जिसमें ज्यादातर मूर्तियाँ कामुक कला की है अर्थात् अधिकतर मूर्तियाँ नग्न अवस्था में स्थापित है। चन्देल राजवंश के मंदिर खहुराहो के ज्यादातर मन्दिर चन्देल राजवंश के समय ९५० और १०५० ईस्वी के मध्य बनाए गए थे। एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार खजुराहो में कुल ८५ मन्दिर है जो कि १२वीं शताब्दी में स्थापित किये गए जो २० वर्ग किलोमीटर के घेराव में फैले हुए है। वर्तमान में इनमें से, केवल २५ मन्दिर ही बच हैं जो ६वर्ग किलोमीटर में फैले हुए हैं। विभिन्न जीवित मन्दिरों में से, कन्दारिया महादेव मंदिर जो प्राचीन भारतीय कला के जटिल विवरण, प्रतीकवाद और अभिव्यक्ति के साथ प्रचुरता से सजाया गया है। हिन्दू धर्म और जैन धर्म काे समर्पित खजुराहो स्मारक समूह के मन्दिरों को एक साथ बनाया गया था, लेकिन इस क्षेत्र में हिन्दू और जैन के बीच विभिन्न धार्मिक विचारों के लिए स्वीकृति और सम्मान की परंपरा का सुझाव देते हुए, दो धर्मों, हिन्दू धर्म और जैन धर्म को समर्पित किया गया था। पहुंचने के माध्यम हवाई मार्ग द्वारा खजुराहो में एक हवाई अड्डा (IATA कोड: HJR / HJR) है जो दिल्ली, आगरा, वाराणसी और मुंबई के लिए सेवाएं प्रदान करता है। ट्रेन द्वारा खजुराहो मंदिर खजुराहो रेलवे स्टेशन और छतरपुर रेलवे स्टेशन के माध्यम से रेलवे से जुड़ा है, जो 45 किमी है। खजुराहाे दिल्ली, उदयपुर, झांसी से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। सड़क के द्वारा जिला केंद्र छतरपुर से मंदि लगभग 50 किमी दूर हैं। यह भारत के विभिन्न शहरों जैसे दिल्ली, भोपाल से सड़कों द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग 86 इसे राज्य की राजधानी भोपाल रृ से जोड़ता है।